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| Ashok Bahirwani's Updates 11-05-2012 |
Ashok Bahirwani’s Update: 11th May, 2012
Good Afternoon Speakasians,
सब Speakasians के लिए काला दिन का वर्ष दिवस है और मैं पूरे Speakasian परिवार को याद दिलाना चाहता हूँ कि हमारे प्रयास और एकता ने लगातार कंपनी पर हमारी आशा और विश्वास बनाये रखा है. यह भाईचारा और एकता हम सभी को इतनी दूर तक लेकर आया है और यह यात्रा, कंपनी के समर्थन में पनेलिस्ट्स और उपभोक्ताओं द्वारा की गयी एक ऐतिहासिक यात्रा है. हमें यह एकता दिखाना जारी रखना चाहिए, विशेष रूप से कल (१२ मई को) , और मुझे आशा है कि हम सभी बड़ी संख्या में बाहर आयेंगे, याचिका पर हस्ताक्षर करने के लिए ताकि हमारी आवाज अधिकारियों तक पहुंचे , और रक्तदान के महान सामाजिक कार्य को पूरा करेंगे. याद रखें आपका दान ३ ज़िंदगियाँ बचा सकता है.
"दिल है की मानता नहीं"
लोगों ने मुझे फोन करके अनुरोध किया कि उन्हें कल के सुप्रीम कोर्ट मामले के बारे में अद्यतन करूँ , मैंने उनसे पूछ इस तरह के अद्यतन का उपयोग क्या है जब आप अद्यतन पर भरोसा नहीं रखते है. मैंने उन्हें २७ अप्रैल के मेरे अद्यतन तरफ ध्यान देने को कहा, जिसमे मैंने सभी से आग्रह किया था, न्यायालय के मामले से ध्यान दूर करने के लिए और अपनी टीम और डाउन लाइन्स को प्रेरित करने के लिए और कंपनी से व्यापार के पुन: आरम्भ की घोषणा का इंतजार करें , पर क्या करें ये "दिल है की मानता नहीं ".
मैं स्पष्ट रूप से समझ सकता हूँ कि हर कोई निराश हुआ है , सिर्फ ये जानकार कि सुनवाई की तारीख ८ अगस्त तक स्थगित कर दी है, ये जाने बिना कि वास्तव में कोर्ट के कमरे में क्या निर्धारित हुआ है. मुझे विवरण की व्याख्या करने के लिए अनुमति दें:
हम सभी जानते हैं कि सुनवाई एक काफी लंबे समय के लिए चली, जिसका मुख्य कारण है कि कंपनी के सलाह्गारों ने अदालत में माननीय मध्यस्थ के सभी रिपोर्ट पढ़कर सुनाये ताकि माननीय सुप्रीम कोर्ट के ध्यान में रिपोर्ट के महत्वपूर्ण पहलु सामने लायें
अदालत के आदेश पढ़ने पर पता चलेगा कि EOW के वरिष्ठ वकील ने माननीय न्यायालय में वचन दिया है कि मध्यस्थ को दी गयी सभी जानकारी, वे माननीय सुप्रीम कोर्ट को पुनः उपलब्ध करायेंगे.
माननीय न्यायालय ने टिपण्णी की है और मैं पुन: पेश करता हूँ:
"हम स्पष्ट करते हैं कि मध्यस्थ या इस न्यायालय के समक्ष इस मामले के विचाराधीन होने से जांच में बाधा नहीं होगी."
यह टिप्पणी सिर्फ अदालतों का दृष्टिकोण सामने लाता है जो माननीय मंच के समक्ष किसी विषय के चर्चा से उत्पन्न हुआ था . इसका मतलब यह नहीं है कि प्रत्येक और हर अदालत को जहां बात लंबित है इस दृष्टिकोण का पालन करना होगा. प्रत्येक और हर अदालत का अपना अपना अधिकार क्षेत्र है और हर एक मामले का , कानून के अनुसार उसके गुण के आधार पर , मामले का फैसला किया जाता है.
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