Untitled Document
| Ashok Bahirwani's Updates 25-04-2012 |
Ashok Bahirwani’s Update: 25th April, 2012
Good Evening Speakasians,
जैसा कि हम बेसब्री से SAOL की वापसी और व्यापार का फिर से प्रारंभ होने का इंतज़ार कर रहे हैं, वैसे ही हम इस वक़्त विभिन्न कानूनी मामलों के बारे में उलझन में भी हैं और हम में से ज्यादातर लोगों का पूरा दिन विभिन्न अदालती मामलों का विश्लेषण करने में गुजरता हैं, जो केवल आगे, और बहुत सारे सवाल उत्पन्न करता है और उलझन और मोहभंग को बढाता है. . मैं आपके ध्यान में कुछ अदालती मामलों और व्यवसाय पुनरारंभ की वास्तविकता को लाना चाहता हूँ , जिसका वास्तव में बहुतांश Speakasians इंतजार कर रहे हैं.
हैदराबाद में आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में CRLP/१०७८२ में सुनवाई कल नहीं हो सकी, क्योंकि माननीय न्यायाधीश एक बहुत लम्बा फैसला लिखवाने में व्यस्त थे और इस मामले में सुनवाई अब २६ अप्रैल २०१२ के लिए स्थगित किया गया है. इससे पहले गलती से यह मामला, बर्खास्तगी के लिए , सूचीबद्ध था. यह लिपिकीय गलती अब सुधार दी गयी है.
मुझे ज्ञात है , कि कई पनेलिस्ट्स , जो देश भर से मुझे फोन कर रहे हैं, WP ३८३ /2011 की अगली तारीख पर बहुत ज्यादा उम्मीद लगाए हुए हैं और ३० की सुनवाई में तलाश कर रहे हैं कि उन्हें पूर्ण राहत और व्यापार के पुनरारंभ की खबर आदि मिले. ये पनेलिस्ट्स इसे अंतिम सुनवाई कहते हैं.
ज्यादा से ज्यादा उम्मीद रखनी चाहिए कि मामला हमारे पक्ष में कदम दो कदम आगे बढें और यह भी एक सफलता होगी. ये सकारात्मक कदम EXIT OPTION की प्रक्रिया को शुरू करने में सहायता करेंगे .
हमने अतीत में देखा है कि मीडिया के कुछ वर्ग, प्रिंट मीडिया या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, एक महत्वपूर्ण न्यायालय बात के दिन या एक महत्वपूर्ण सुनवाई की तारीख से पहले कुछ दिनों से अपने कार्य पर लग जाते हैं क्या यह एक स्पष्ट, दुर्भावपूर्ण, इरादे से न्यायपालिका और बड़े पैमाने पर समाज के दिमाग पर, कंपनी और कंपनी के व्यापार मॉडल के खिलाफ पक्षपाती प्रभाव करने के इरादे से किया जा रहा है ?
आप खुद न्यायाधीश बनिए.
यह अदालत की तौहीन का सर्वोच्च उधाहरण है,इस बात से स्पष्ट है, कि एक असंबंधित मामले में ,(सहारा विरूद्ध सेबी मामले में ), सुप्रीम कोर्ट द्वारा लिया गया दृदमत, जिस से जांच और न्यायाधीन के तहत मामलों पर रिपोर्ट करने के लिए, सुप्रीम कोर्ट दिशा निर्देशों और मानकों की स्थापना की प्रक्रिया में है
मैं Speakasians के इस शानदार परिवार को सचेत करना चाहता हूँ कि अगले कुछ दिनों में प्रकट होने वाले प्रेरित समाचार रिपोर्ट पर ध्यान नहीं दें . अब तक हम ऐसे रिपोर्ट को अनदेखा करना सीख गए है.
हमारा पूरा ध्यान केंद्रित होना चाहिए , व्यापार के तुरंत पुनः आरंभ होने की दिशा में , मैं आप को शाहरुख़ खान की फिल्म 'ओम शांति ओम' के संवाद याद दिलाता हूँ, " अगर आप किसी भी चीज़ को शिद्दत से चाहते है तो पूरी कायनात आपको उससे मिलाने में लग जाती है ”
|
|