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| Ashok Bahirwani's Updates 15-04-2012 |
Ashok Bahirwani’s Update: 15th April 2012
Good Evening Speakasians,
मेरे दिन अचानक बहुत व्यस्त हो गए हैं और आश्चर्यजनक रूप से छोटे लगते हैं. समिति और मीडिया समिति के ३१ सदस्यों की एक बड़ी टीम के साथ संयोजन करना एक बड़ा काम है, लेकिन मैं इसे पूरा करने में बड़ा आनंद ले रहा हूँ.
मेरे पिछले अद्यतन के बाद , सूचना देने लायक महत्वपूर्ण कुछ भी हुआ नहीं है, लेकिन जैसे कहते हैं "अफवाहों का बाजार गरम हो गया है" , या अंग्रेजी में कहावत का अनुवाद होता है कि "अफवाहें जंगली आग की तरह फैल रही हैं".
हमारे परिवार के कुछ सदस्य, खबर देने वाला पहला व्यक्ति केहलाने की चाह में, बिना सोचे समझे खबर फैलाते है जो पूरी तरह से तथ्यात्मक नहीं है . इसके पीछे तर्क क्या है, मुझे समझ नहीं आता. हमने समाचार चैनल को TRP के लिए यह करते देखा है, लेकिन मैं हैरान हूँ , कि हम पनेलिस्ट्स को ऐसा क्यों करना चाहिए .
ये अफवाह फ़ैलाने वाले हकीकत को समझने में असफल है. उनके निराधार अफवाहें पहले पनेलिस्ट्स की उम्मीदो को बढ़ाते हैं और जब घोषणा की गयी घटनाएं या तारीखें अमल नहीं होती हैं ,जिसके परिणामस्वरूप पनेलिस्ट्स कि उमीदें टूट जाती हैं और वे मोहभंग, गुस्सा, और निराशा महसूस करते हैं. ऐसी स्तिथि में वे कंपनी और उनके अपलाइन , आदि को दोष देते हैं. ऐसी अफवाहें के लेखक अगली तारीख की खोज में व्यस्त हो जाते हैं , पनेलिस्ट्स की भावनाओं के बारे में परवाह किये बिना है और उनके कारण जो क्षति होती है , यह देख भी नहीं पाते हैं.
हम पनेलिस्ट्स सामान्य लोग हैं और हम में से ज्यादातर को कानून समझ में नहीं आता है , लेकिन हम सब यह सोचते हैं कि हम कानून में माहिर हैं ,और कही सुनी बातों के आधार पर ,वकीलों की तरह आपस में कानूनी मामलों पर चर्चा करना शुरू कर दिया है.
हम निष्कर्ष तक पहुँचते हैं और उलझन में पड़ जाते है और हम मन की इस उलझी हुई स्तिथि में विभिन्न मंचों पर सूचना कर देते हैं या टिप्पणी करते है, और इन मंचों के पाठकों को भ्रमित कर देते हैं . मैं परिवार के सदस्यों को सलाह देना चाहता हूँ कि हमें कंपनी के हमारे साथ सकारात्मक संचार को देखना चाहिए , कंपनी के साथ सकारात्मक संवाद लेने के बजाय , हम हमारे नकारात्मक या निराधार अफवाहें से घिरे रहते हैं.
३ अप्रैल २०१२ के अपने संचार में कंपनी ने हमें बताया कि कंपनी कारोबार फिर से शुरू करने के लिए कई कदम उठा रही है और PE स्थापित करने के लिए विभिन्न कदम उठाये गए हैं. अफवाह फ़ैलाने वाले कार्रवाई में लग गए और अपने अधिक उपजाऊ मन में एक परी कथा पकाने लगे और अफवाह फैला दी कि PE के लिए अनुमति तैयार है और एक अमुक तारीख से पत्र आ जाएगा. वे ये भी कहने लगे कि कार्यालय इस अमुक जगह .पर होगा. पनेलिस्ट्स जो कठिनाइयों में हैं आधिक उतेजित हो जाते हैं , और जब ऐसा कुछ नहीं होता है तो वे और अधिक उदास होकर नकारात्मकता फैलाते है.
' नवनीत खोसला ' ID का उपयोग कर कोई फिर से सक्रिय हो गया है अपने "भगवान का एक बंदा " के अपने नए अवतार में. इस व्यक्ति ने हमारे पनेलिस्ट्स को गुमराह करना शुरू कर दिया है. कृपया समझिए कि यह संदेहात्मक ID नवनीत खोसला एक जनहित उत्साही व्यक्ति नहीं है और ऐसा कर रहा है ताकि इस पूरी घटना से पैसे बना सके. "Power of Attorney " के आधार पर सुप्रीम कोर्ट में एक आम आदमी अन्य दुसरे व्यक्ति के लिए वकालत करने के लिए या पेश होने के लिए,कोई प्रक्रिया नहीं है. २० दिन की समय सीमा जो वह कह रहा है , एक उदाहरण है. कि वह पनेलिस्ट्स को कैसे गुमराह कर रहा है.
मैं सभी पनेलिस्ट्स का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूँ इस बात पर कि EXIT OPTION के तहत भुगतान का मामला माननीय मध्यस्थ द्वारा किया जा रहा है माननीय उच्चतम न्यायालय के मार्गदर्शन के अंतर्गत और अपने पैसों का इससे बेहतर या सुरक्षित कार्यवाहक नहीं हो सकता है.
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